Thoughts

Like the river that flows in blue,
Like the blossoms those bloom,
Like the green that enriches the land,
I wish you to do the same.
I want you to flow in blue,
To open your heart and thoughts,
You are to bloom,
Make others feel better and grow in green.
Those curves are made,
By you in ‘U’,
Reach to the pink,
And there they sink.
They make an eye,
I don’t know why,
They seem to be your,
As they glow in shy.
Those pink petals there,
So soft and meek,
They seem to be your hands,
They can be your lips,
So smooth to slip.
The darkness behind,
Shows your mysteries,
I don’t know why,
I get lost in them,
And find there just,
Simple thoughts, clear.
I just want to play,
Colours of life,
Those you have shown,
Just simple thoughts of yours.

Advertisements

सौंदर्य

अदम्य-अद्भुत-सौम्य सौंदर्य
हरित-प्रखर शिशिर-सुमन,
अमोघ-शस्त्र विशाल-शास्त्र
मद-सुरा सब विफल।
उर्वशी-सौंदर्य तुम,
नदी, धरा, सागर, सलिल,
अस्तित्व-उद्भव है सकल।
मन मेरा है विकल।

ज़हर

गरजते-से बादल आज बरस चुके हैं
रंजिशों का गुबार आज बह निकला है|
चुभती-सी सुइयाँ सीने में जो
आज दबा उन्हें मैं सो चुका हूँ|
जिंदगी के मायने सब धुल चुके हैं
जनाज़ा शख्सियत का निकला है|
अश्क़ हैं भारी पलकों में जो
आज दबा उन्हें मैं रो चुका हूँ|
बागीचे के गुल परेशाँ हो चुके हैं
मिलने जो भँवर निकला है|
उम्मीदें जगती है काँटों में जो
आज दबा उन्हें मैं बो चुका हूँ|
अरमान सब ‘ज़हर’ हो चुके हैं
मातम का खजाना निकला है|
सैलाब उठता ज़हन में जो
आज दबा उन्हें मैं खो चुका हूँ|

ख़याल

याद तुम्हें कर रहा था
तुम्हें ही सोच रहा था
कुछ एक पल हुए हैं
तुमसे मिले हुए
पर आज का सारा वक्त
तुमसे मिला हुआ था
ज़हन खाली होता नहीं
तुम्हारे ख़याल भर जाते हैं
वो हँसी तुम्हारी
हर पल मुझे गुदगुदा जाती है
वो महक तुम्हारी हवा में हो जैसे
हर मंजर चमन सा हो जाता है
सुबह की घास में जो ओंस पड़ी थी
तेरे होठों की नमी फीका कर जाती थी
एक इशारा भी मिले जो तेरा
सौ कदम मैं चलता हूँ
रास्ते शर्माते हैं

पतंग

अकेली हो चुकी शामों से तंग आकर,
छूटी बातों के तारों को
जोड़ता हूँ मैं।
सोचता हूँ मैं,
हर एक पहलू
उस गुफ्तगू का।
तेरी गहराईयों में
हजारों मायने उधेड़ता हूँ मैं।
फिर थक के,
कटी पतंग सा
आज़ाद फिरता हूँ मैं।
और धूमिल होने का
इंतेज़ार करता हूँ मैं।